पंजाब कांग्रेस में सुलह के संकेत, चरणजीत सिंह चन्नी ने बदले तेवर, हाईकमान के फैसले का किया सम्मान
BREAKING
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे से पहले पंचकूला पुलिस पूरी तरह अलर्ट, 9 इंटर स्टेट बॉर्डर नाकों समेत सभी 18 नाकों पर सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी बढ़ाई अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में बड़ा खुलासा, ऊधमसिंह नगर के सात शिक्षण संस्थानों पर FIR दर्ज हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी के बीच हरियाणा की सियासत गर्म, कांग्रेस के 5 बागी विधायकों को PM मोदी के मंच से भाजपा का बड़ा संदेश हरिद्वार से वृंदावन तक 400 किमी की कांवड़ यात्रा, संत प्रेमानंद महाराज के अभिषेक के लिए गंगाजल लेकर निकले युवा लखनऊ में निकली श्रीजगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की सेवा और दिया एकता का संदेश

पंजाब कांग्रेस में सुलह के संकेत, चरणजीत सिंह चन्नी ने बदले तेवर, हाईकमान के फैसले का किया सम्मान

1000263326

Signs of reconciliation within Punjab Congress

चंडीगढ़। Signs of reconciliation within Punjab Congress, पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव को लेकर हाईकमान की ओर से एक जुलाई को घोषित लिस्ट के बाद से विरोध कर रहे पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गुरुवार को तेवर बदल गए हैं।

करीब 15 दिनों से हाईकमान के फैसले के खिलाफ आवाज उठा रहे चरणजीत सिंह चन्नी की संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल के साथ दोपहर बाद इंदिरा भवन में अहम बैठक हुई है। इस बैठक में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, राणा गुरजीत सिंह और विजय इंदर सिंगला मौजूद थे।

 हाईकमान के फैसले का सम्मान

पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने पर अड़े चरणजीत सिंह चन्नी फिलहाल बैकफुट पर आ गए हैं। केसी वेणुगोपाल से मिलकर निकले तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ही उनके लीडर हैं। उन्होंने कहा कि हाईकमान के फैसले का सम्मान करते हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी में ऑल इज वेल है। उन्होंने कहा कि उनके लिए पार्टी से ऊपर कुछ नहीं है। ऐसे में अब माना जा रहा है कि हाईकमान ने चन्नी को स्प्ष्ट कर दिया है कि उनके फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा।

फैसले में नहीं होगा बदलाव

पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने भी बुधवार को केसी वेणुगोपाल से बातचीत कर स्पष्ट किया था कि हाईकमान का फैसले में बदलाव नही होगा उन्होंने कहा था कि यह कोई गुड्डे गुड़ियों का खेल नहीं है। आज की बैठक के बाद उम्मीद की जा रही है कि पंजाब कांग्रेस नेताओं को हाईकमान के फैसले को स्वीकार करना ही होगा।